वो आग लगाकर हंसता रहा, और मैं, मैं तो बस जलता रहा, जलता ही ।। वो आग लगाकर हंसता रहा, और मैं, मैं तो बस जलता रहा, जलता ही ।।
प्रश्नों को अपनी ही राख में छिपी हुयी आग से। प्रश्नों को अपनी ही राख में छिपी हुयी आग से।
मिट्टी का चूल्हा बर्तन मिट्टी के मिट्टी का घड़ा और अंततःमिट्टी में मिल जाना बस। मिट्टी का चूल्हा बर्तन मिट्टी के मिट्टी का घड़ा और अंततःमिट्टी में मिल ...
यह मेरा मेरे देश के प्रति सम्मान है मैं कोई बहुत बड़ी देश भक्त नहीं फिर भी यह तो एक श यह मेरा मेरे देश के प्रति सम्मान है मैं कोई बहुत बड़ी देश भक्त नहीं फिर भी...
कोई बदला ले रहे हो क्या आजकल कोई बदला ले रहे हो क्या आजकल
नव पात नव रूप धरा बदले स्वरूप नव कोंपल अनूप ख़ुशी का संसार है। नव पात नव रूप धरा बदले स्वरूप नव कोंपल अनूप ख़ुशी का संसार है।